मनोरंजनकविता – जसवीर सिंह हलधरnewsadminFebruary 3, 2026 by newsadminFebruary 3, 20260193 विंध्या घाटी से निकली है ,जगती की अमर निशानी है । यमुना की सखी कहाती है ,विंध्याचल सुता सयानी है ।। ये देवलोक की परी...
मनोरंजनअनूठी रचना की प्रस्तुति कर डॉ अणिमा श्रीवास्तव ने मोहा सबका मनnewsadminFebruary 3, 2026 by newsadminFebruary 3, 20260219 neerajtimes.com पटना (बिहार) – बुद्ध, महावीर की पुण्यभूमि राजगीर स्थिति पी एम श्री केंद्रीय विद्यालय राजगीर में दो दिवसीय संगीत शिक्षकों की कार्यशाला में 31.01.26...
मनोरंजनअंगीकार- सविता सिंहnewsadminFebruary 2, 2026 by newsadminFebruary 2, 20260202 चोरी-चोरी सबसे छिपकर, कहते नैन तुम्हारे अक्सर, जितना उनको समझ सके हम, क्या तुम इतना प्यार करोगे? बार-बार हर बार करोगे? क्या मुझको स्वीकार करोगे??...
मनोरंजनप्रेम – रेखा मित्तलnewsadminFebruary 2, 2026 by newsadminFebruary 2, 20260262 प्रेम कब पूर्ण होता हैं अधूरे ख्वाब ही जीने का सबब देते हैं प्रेम राधा का हो, या मीरा का प्रेम का अंत, पाना नहीं...
मनोरंजनमाँ सरस्वती -सुनील गुप्ताnewsadminFebruary 1, 2026 by newsadminFebruary 1, 20260277 ( 1 )” माँ “, माँ शारदे भगवती वाग्देवी सरस्वती करते हैं नमन वंदन स्तुति ! आपसे मिलती हमको शक्ति…., करें नित बारम्बार आपकी भक्ति...
मनोरंजनसाहिब ! – त्रिशिका धरा,newsadminFebruary 1, 2026 by newsadminFebruary 1, 20260279 साहिब! हम ऋणी तुम्हारे, तुमने राम का मंदिर बना दिया। भगवा-ए-हिन्द किया तुमने, तो हमने कमल खिला दिया। हम पहले ही घायल थे, आरक्षण की...
मनोरंजनपालघर घटना (महाराष्ट्र) – नीलांजना गुप्ताnewsadminFebruary 1, 2026 by newsadminFebruary 1, 20260205 अब भारत का उद्घार नहीं यह भारत के संस्कार नहीं इक वृद्ध निहत्थे साधू पर सौ सौ लठ्ठ प्रहार चले था नीच पापियों का तांडव...
मनोरंजनवसंत – डॉ क्षमा कौशिकnewsadminJanuary 31, 2026 by newsadminJanuary 31, 20260194 घाटी फूलोँ की सजी, विविध रंग के फूल। लगता सुंदर कामिनी, ओढ़े खड़ी दुकूल।। ओढ़े खड़ी दुकूल, सुरंगी पहने सारी। ब्रह्मकमल सिर ताज, छवि लगती...
मनोरंजननव वर्ष – डॉ गीता पांडेयnewsadminJanuary 29, 2026 by newsadminJanuary 29, 20260308 बीत गया पच्चीस है,सन् छब्बीस विराज। एक वर्ष कम जिंदगी,बना रहे सुख साज। शुभ मंगल है कामना, जीवन हो उत्कर्ष, चंदन सोहे भाल पर,सजे शीश...
मनोरंजनकइसे जीहीं रउये बोलीं – अनिरुद्ध कुमारnewsadminJanuary 28, 2026 by newsadminJanuary 28, 20260194 गोता गोती साना सानी, भोरेसे हीं नाचत बानीं। ठंडी लागे कापी डोली, कइसे जीहीं रउये बोलीं? आसन बासन चौका चानी, लीपा पोती गींजी पानी।...