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नेत्रदान – सुनील गुप्ता 

( 1 ) है नेत्रदान
पुनीत महादान..,
पुण्य का काम !!

( 2 ) मृत्यु के बाद
देख सकें हैं आँखें..
यदि हों दान !!

( 3 ) दें नेत्र ज्योति
जरुरतमंद को..,
करें ये नेकी !!

( 4 ) है नेत्रदान
अवसान पश्चात
शुभ सौगात !!

( 5 ) करें संकल्प
नेत्रदान करेंगे..,
अवश्य हम !!

-सुनील गुप्ता

जयपुर,, राजस्थान |

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