उत्तराखण्ड

विदेशी मिशनों के राजनयिकों ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का दौरा किया

उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और शिल्प को अब वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलने की राह खुलती दिख रही है।

विदेशों में भारतीय मिशनों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ राजनयिकों ने देहरादून स्थित ‘हाउस आफ हिमालयाज’ के फ्लैगशिप आउटलेट का दौरा कर यहां के उत्पादों की गुणवत्ता और उनके पीछे की स्थानीय कहानी को सराहा। राजनयिकों ने विदेशों में अपने उच्चायोगों और दूतावासों में आधिकारिक उपयोग के लिए हाउस आफ हिमालयाज के विशेष गिफ्ट हैम्पर तैयार कराने में भी रुचि दिखाई।

यह दौरा विदेश मंत्रालय के सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान की ओर से संचालित मिड-करियर प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के आधिकारिक राज्य अनुलग्नक दौरे का हिस्सा था। प्रतिनिधिमंडल में जाम्बिया के लुसाका में भारत के उच्चायुक्त आलोक रंजन झा, लिथुआनिया के विनियस में भारत के राजदूत देवेश उत्तम व जमैका के किंग्स्टन में भारत के उच्चायुक्त मयंक जोशी शामिल रहे।

आउटलेट भ्रमण के दौरान राजनयिकों ने हाउस आफ हिमालयाज के उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन व उनमें समाहित उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। उन्हें बताया गया कि ब्रांड की आपूर्ति श्रृंखला कृषि और बागवानी उत्पादों से लेकर हस्तशिल्प, गैर-काष्ठ वन उत्पाद (एनटीएफपी), स्थानीय जड़ी-बूटियों और मसालों तक फैली है।

महिला कारीगरों से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक जोड़ने की पहल

प्रतिनिधिमंडल ने हाउस आफ हिमालयाज की प्रबंध निदेशक झरना कामठान के नेतृत्व की भी सराहना की। ब्रांड की पहल को स्थानीय महिला कारीगरों और बड़े बाजारों के बीच सेतु के रूप में देखा गया।

राजनयिकों की ओर से विदेश स्थित भारतीय मिशनों के लिए गिफ्ट हैम्पर में रुचि दिखाना प्रदेश के उत्पादों के लिए संभावित अंतरराष्ट्रीय बाजार का संकेत माना जा रहा है। इससे राज्य के स्थानीय उत्पादों को विदेशी मेहमानों, राजनयिक आयोजनों और आधिकारिक मंचों तक पहुंचाने का अवसर मिल सकता है।

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