उत्तर प्रदेश

शत्रु संपत्ति प्रकरण में मंडलायुक्त ने डीएम को दिए जांच के निर्देश

neerajtimes.com देवबंद —  देवबंद में शत्रु संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। मामले में मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को प्रकरण की विस्तृत एवं तथ्यात्मक जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले मामले की विवेचना में कथित लापरवाही के आरोप में देवबंद कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक (एसएसआई) आदेश कुमार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा निलंबित किया जा चुका है। एसएसआई के निलंबन के बाद अब राजस्व विभाग से संबंधित बिंदुओं की जांच भी कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार, जिलाधिकारी अरविंद चौहान तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन को शिकायत देकर देवबंद के मोहल्ला किला स्थित एक शत्रु संपत्ति पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाया था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, मोहल्ला किला निवासी सालेह खातून वर्ष 1989 में पाकिस्तान चली गई थीं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके नाम दर्ज शत्रु संपत्ति पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा किया गया है। विकास त्यागी ने यह भी आरोप लगाया था कि इस संबंध में देवबंद कोतवाली में मामला दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसे छोड़े जाने का भी आरोप लगाया गया था।
मामले की शिकायत के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन ने प्रकरण की विवेचना में कथित लापरवाही बरतने के आरोप में देवबंद कोतवाली के एसएसआई आदेश कुमार को निलंबित कर दिया था। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई के बाद प्रकरण की गंभीरता बढ़ गई है।
मंडलायुक्त ने जिलाधिकारी को निर्देशित किया हे कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच कराई जाए जांच के दौरान शत्रु संपत्ति से संबंधित अभिलेख कब्जे की स्थिति तथा मामले से जुड़े अन्य सभी तत्वों का परीक्षण करने को कहां गया है
निर्देशों में यह भी कहा गया है की जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमित कथित अवैध कब्जा अथवा राजस्व अभिलेखों में कोई विसंगति सामने आती है तो नियम अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाए तथा अवैध कब्जे पाए जाने की स्थिति में उसे हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए संबंधित अभिलेखों और साक्ष्य सहित विस्तृत जांच रिपोर्ट उपलब्ध करने के भी निर्देश दिए गए हैं
शिकायतकर्ता विकास त्यागी ने पूरे प्रकरण की गहन जांच करने की मांग की है शत्रु संपत्ति पर कथित रूप से संचालित गतिविधियों की जांच कर संपत्ति को नियम अनुसार सरकारी कब्जे में लेने तथा यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका या अनियमित सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई के जाने की मांग की है
फिलहाल मंडलायुक्त के निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन की जांच पर सभी की नज़रें टिकी हैं जांच में सामने आने वाले तथ्य और अभिलेखों के आधार पर ही शत्रु संपत्ति पर कब्जे तथा संबंधित विभागीय स्तर पर किसी अनियमितता की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर — महताब आज़ाद

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