neerajtimes.com देवबंद — पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश देते हुए देवबंद स्थित जामिया कासिमिया दारुत्तालीम में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया। जमीयत यूथ क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान में मदरसे के उस्तादों, प्रशिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्रों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए तथा उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मदरसे के मोहतमिम मौलाना मोहम्मद इब्राहिम कासमी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम ही नहीं, बल्कि इस्लामी शिक्षाओं का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि जो व्यक्ति फलदार या छायादार वृक्ष लगाता है और उससे इंसान, पक्षी या अन्य जीव-जंतु लाभान्वित होते हैं, तो वह उसके लिए सदका-ए-जारिया (निरंतर पुण्य) का कारण बनता है।
उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया पर्यावरण प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी सुरक्षा करना प्रत्येक नागरिक की नैतिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि केवल पौधारोपण तक ही सीमित न रहें, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखें।
मौलाना कासमी ने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी उठाए तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। उन्होंने युवाओं और छात्रों से प्रकृति संरक्षण को जन जागरूकता अभियान का रूप देने का भी आवाहन किया
पौधारोपण अभियान में जमीयत यूथ क्लब के प्रशिक्षक औरंगज़ेब मोहम्मद शोएब कारी मोहम्मद नौशाद कारी मोहम्मद तालिब कारी मोहम्मद अरमान कारी मोहम्मद अजीम सहित अनेकों छात्रों सहित ने सक्रिय भागीदारी की कार्यक्रम के दौरान परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौध रोपे गए और सभी प्रतिभागियों ने उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया
रिपोर्टर — महताब आज़ाद
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