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पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश, विद्यार्थियों ने लिया हरियाली बचाने का संकल्प- डॉ अनमोल कुमार

neerajtimes.com गयाजी । पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने तथा विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जिम्मेदारी एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य से मदर प्राइड, चाणक्यपुरी, गया में शनिवार को विशेष पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्री-नर्सरी (प्रेप), एल.के.जी., यू.के.जी. से लेकर कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, उमंग एवं रचनात्मकता के साथ भाग लेते हुए हरियाली, स्वच्छता और प्रकृति संरक्षण का प्रभावशाली संदेश दिया।

विद्यालय परिसर को हरे रंग के गुब्बारों, रंग-बिरंगे पौधों, पत्तियों, प्राकृतिक सजावट एवं विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई आकर्षक कलाकृतियों से सुसज्जित किया गया था। चारों ओर हरियाली की मनमोहक छटा बिखरी हुई थी, जिससे पूरा परिसर प्रकृति संरक्षण का संदेश देता हुआ प्रतीत हो रहा था। सभी विद्यार्थी हरे रंग की सुंदर वेशभूषा में विद्यालय पहुँचे और उनकी मनमोहक उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा में चार चाँद लगा दिए।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के निदेशक श्री विनीत कुमार, सचिव श्री रजनीश कुमार झुन्ना, व्यवस्थापक श्रीमती मीरा कुमारी एवं प्राचार्य श्री मध्यमेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल संरक्षण करने तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्री-नर्सरी (प्रेप), एल.के.जी. एवं यू.के.जी. के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंग-पहचान, कविता, गीत, नृत्य एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से प्रकृति के प्रति अपना प्रेम व्यक्त किया। वहीं प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भाषण, कविता-पाठ, पोस्टर निर्माण, चित्रकला, स्लोगन लेखन, मॉडल प्रदर्शन, पौधारोपण जागरूकता रैली तथा पर्यावरण विषयक समूह प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायी संदेश दिया।

कार्यक्रम में प्री-नर्सरी (प्रेप) के छात्र आद्रिक शर्मा एवं छात्रा ज़ैनब फ़ातिमा, एल.के.जी. की छात्रा प्रियांशी, यू.के.जी. की छात्रा रियांशी, कक्षा 1 की छात्राएँ आकृति एवं कृतिका, तथा कक्षा 2 के छात्र अनीश कुमार मिश्रा ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रभावशाली अभिव्यक्तियों, आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश को उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने खूब सराहा।

विद्यार्थियों ने “पेड़ हैं तो जीवन है”, “हरित पर्यावरण, स्वस्थ जीवन”, “एक पेड़–अनेक जीवन”, “पेड़ लगाओ–धरती बचाओ” तथा “आज एक पौधा, कल सुरक्षित भविष्य” जैसे प्रेरणादायक नारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। बच्चों ने अपने हाथों में पौधे एवं पर्यावरण संबंधी आकर्षक मॉडल लेकर यह संदेश दिया कि वृक्ष केवल हमें ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जलवायु संतुलन बनाए रखने, वर्षा लाने, मिट्टी का संरक्षण करने तथा पृथ्वी को हरा-भरा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को हरे रंग के महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि हरा रंग जीवन, समृद्धि, शांति, विकास, आशा और प्रकृति का प्रतीक है। उन्होंने बच्चों को प्रतिवर्ष कम-से-कम एक पौधा लगाने, उसकी नियमित देखभाल करने, जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा अपने घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक श्री विनीत कुमार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक चेतना और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे यदि प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेकर आगे बढ़ेंगे, तो भविष्य में एक स्वच्छ, स्वस्थ और हरित भारत का निर्माण संभव होगा।

विद्यालय के सचिव श्री रजनीश कुमार झुन्ना ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।

विद्यालय की व्यवस्थापक श्रीमती मीरा कुमारी ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में अनुशासन, रचनात्मकता, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रकृति के प्रति प्रेम की भावना विकसित करते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य श्री मध्यमेश्वर सिंह ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रस्तुतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता एवं सकारात्मक सोच का भी विकास करती हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से अपने जन्मदिन अथवा किसी विशेष अवसर पर कम-से-कम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सामूहिक रूप से पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने और अपने आसपास स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा। पूरे विद्यालय में उत्सव, उत्साह और पर्यावरण प्रेम का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी रहा, बल्कि प्रकृति के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक सुदृढ़ करने वाला भी सिद्ध हुआ।

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