सुरों के बादशाह, आवाज़ का जादू,
रफ़ी साहब का नाम, हर दिल में काबू।
24 दिसंबर को जन्मे थे वो, 1924 की रात,
लाखों दिलों में आज भी गूंजे उनकी बात।
“बहुत शुक्रिया बड़ी मेहरबानी”, “ये दुनिया प्यार का गीत”,
“क्या हुआ तेरा वादा”, हर गाना बना अमर संगीत।
दु:ख में भी हंसा दिया, खुशी में भी रुला दिया,
सात सुरों का संगम, वो आवाज़ में बसा दिया।
आज जयंती पर नमन, शत-शत सलाम,
रफ़ी तुम अमर हो, हर गीत में तुम्हारा नाम।
– डॉ अनमोल कुमार, मोकामा जिला पटना बिहार