ढेर दिनन बाद मिलल बाड़ा
तू फूल गुलाब खिलल बाड़ा ।
केवन बात बा तोहरा मे बोला।
रूप शराब जईसन पियल बाड़ा ।
मस्त बयार सब हमसे पूछले,
गंध बदन मंद पवन मिलल बाड़ा ।
दिल क हाल का तोहके बताई।
हमसे पूछा कि कईसे जियल बाड़ा ।
कबो सोचा हमरे बारे फुर्सत में।
पता चली भारती प्यार डुबल बाड़ा
– श्याम कुंवर भारती ( राजभर)
बोकारो,झारखंड,मॉब.9955509286,