राष्ट्रीय

शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी नहीं, श्रेष्ठ इंसान बनाना है : डॉ. विजयानंद विजय

neerajtimes.com –  वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. विजयानंद विजय ने कुमार संदीप के संग विशेष संवाद में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक अच्छा, सुसंस्कृत और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। लगभग 35 वर्षों तक बिहार सरकार के आवासीय विद्यालयों में सेवा देने वाले डॉ. विजय ने विद्यार्थियों में एकाग्रता, अनुशासन और पुस्तक-पठन की आदत विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच सक्रिय संवाद ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कुंजी है। साक्षात्कारकर्ता कुमार संदीप से बातचीत में उन्होंने समयबद्धता, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन को अपने शिक्षकीय जीवन का आधार बताया। उनके प्रेरक विचार शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन, लेखन और आत्मानुशासन अपनाने का संदेश दिया। साक्षात्कारकर्ता कुमार संदीप ने कहा कि डॉ. विजय के विचार शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायी एवं मार्गदर्शक हैं।

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