मनोरंजन

छंद-(तुकांत अवरोही) – जसवीर सिंह हलधर

राम नाम के पनारे , आज़मा के देख प्यारे ,

जिंदगी का तत्व राम , राम राम राम हैं ।

 

दीखते है आस पास , चलते हैं स्वास स्वास ,

तीन लोक चार धाम , राम राम राम हैं ।।

 

हिंदू सभ्यता के दम्भ ,संस्कृति के आलंभ ,

आस्था के भी स्तंभ , खास राम राम हैं ।

 

लोकतंत्र चूल में भी , आरती के फूल में भी ,

भारती के मूल में भी , एक नाम राम हैं ।।

– जसवीर सिंह हलधर , देहरादून

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