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जय जगत, विश्व शान्ति और ग्राम स्वराज्य से स्वस्थ्य समाज स्थापित होगा – आचार्य धर्मेन्द्र

neerajtimes,com मुजफ्फरपुर। आचार्य कुल बिहार प्रदेश का राज्यस्तरीय महासम्मेलन का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए आचार्य कुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति, पीठाधीश्वर आचार्य डॉ धर्मेन्द्र ने संबंधित करने हुए कहा कि संत विनोबा भावे के विचारों को प्रसारित करने के लिए ही आचार्य कुल की स्थापना किया गया था, जिसका मंत्र है जय जगत, लक्ष्य है विश्व शान्ति और तंत्र है, ग्राम ग्राम स्वराज्य, इसी उद्देश्य को लेकर चलने से स्वस्थ्य समाज और स्वस्थ्य राष्ट्र का सपना पूरा होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन श्री नवयुवक समिति ट़स्ट, सरैया गंज मुजफ्फरपुर में शुभारम्भ हुआ।
सम्मेलन को संबंधित करते हुए बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची के पूर्व कुलपति, डॉ आर बी राय ने कहा कि समसामयिक सामाजिक परिवेश में सामाजिक चुनौतियों, भूदान आन्दोलन के आदर्शों, शिक्षा और संस्कृति के उत्थान के लिए सभी बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, साहित्यकारों और पत्रकारों को आगे आने का आह्वान किया।
मुजफ्फरपुर नगर निगम की उपमहापौर मोनालिसा ने संबोधित करते हुए विनोबा भावे के विचार एवं आदर्शों पर विस्तार से चर्चा किया।
झारखंड राज्य आचार्य कुल के प्रदेश अध्यक्ष, डॉ जंग बहादुर सिंह ने कहा कि भगवत गीता, उपनिषदों और रामचरितमानस आचार्य विनोबा भावे को प्रिय था और उसी आरचरण को अपनाते हुए तप और त्याग को उन्होंने अपनाया। सम्मेलन की आयोजिका सह बिहार प्रदेश अध्यक्षा, कला संस्कृति प्रकोष्ठ राष्ट्रीय प्रभारी उषा श्रीवास्तव ने प्रतिवेदन पढते हुए बिहार राज्य में विनोबा भावे के भूदान आन्दोलन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दिया। प्रदेश उपाध्यक्ष, संगीता सागर ने अपने स्वागत भाषण के दौरान सभी का अभिनन्दन करते हुए वैचारिक युग के शुभारंभ का आगाज किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता, डॉ सत्येन्द्र कुमार पाठक ने विनोबा भावे के आदर्शों पर चर्चा किया। युवा प्रभारी, कुमार रंजन, वंदना सूर्यवंशी, अभय जिज्ञासु,सुधा जी नन्दलाल, विनय लाल राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, डॉ अनमोल कुमार ने भी अपने अपने विचारों की अभिव्यक्ति किया।
समारोह वन्दे मातरम् गीत से प्रारम्भ हुआ। कार्यक्रम में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और महाराष्ट्र के प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर तीन पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर अनन्ता का नृत्य प्रभावशाली रहा। इस अवसर पर पीठाधीश्वर श्यामानंद सिंह, राकेश दत्त मिश्रा, अवधेश कुमार शर्मा, भोला प्रसाद ( अधिवक्ता) , अंकेश कुमार, रमेश चौबे, पवन कुमार ने अहम् भूमिका निभाई।  रिपोर्ट – डॉ अनमोल कुमार

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