मनोरंजन

भोजपुरी गुरु भजन – श्याम कुंवर भारती

गुरु बिना ज्ञान कहवा से पाई।

गुरु के चरण सिर माथ नवाई।

 

जरे ना कबों सुना तेल बिना बाती।

गुरु किरीपा बिना जीव आवत जाती।

लख चौरासी गुरु पार लगाई।

गुरु बिना ज्ञान……………।

 

ब्रम्हा विष्णु महेश गुरु अविनाशी।

शिव जी गुरु हवे बाड़े आदि अनादी।

ब्रम्ह द्वार खोली अनहद नाद सुनाई।

गुरु बिना ज्ञान…………….।

 

सदगुरु मिलीहे त किरीपा उनकर जाना।

गुरु बिना कल्याण ना भइल भगवाना।

चरण पखार गुरु करा खूब पूजाई ।

गुरु बिना ज्ञान……………।

 

अन्हार सब हर गुरु करेले उजियार।

देवता मनाई पितर गुरु करेले उद्धार।

भारती कहे भाई गुरु शरण में जाई।

गुरु बिना ज्ञान कहवा से पाई।

श्याम कुंवर भारती (राजभर)

बोकारो,झारखंड , मॉब.9955509586

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