देव शिल्पी विश्वकर्मा के करी प्रणाम कर जोरी प्रभु जी।
ई त बाड़े देवतन के शिल्पी महान प्रिय बड़ा हरि प्रभु जी।
मंदिर से महल भगवान दरबार के बाड़े बाबा ई रचयिता।
स्वर्ग लोक यम लोक बनवले बाबा बिना केहू सहायता।
दुनिया में सगरो चर्चा भक्त लोग खूब करी प्रभु जी।
ई त बाड़े देवतन के………।
जब पड़े जरूरत बाबा क्षण में महल दु महल बनावेले।
देवों के देव महादेव खातिर श्री लंका सोना महल रचावेले।
माई पारवती के मन रखें भोला बाबा करे बात खरी प्रभु जी।
ई त बाड़े देवतन के…………।
द्वारिका में जाई शिल्पी स्वर्ग जस बड़ा नगर बसवले।
कल कारखाना मशीन पुर्जा दुनिया में सगर चलवले।
किरिपा करा नजर फेरा विश्वकर्मा बाबा हमरी ओरी प्रभु जी।
ई त बाड़े देवतन के शिल्पी महान प्रिय बड़ा हरि प्रभु जी।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर), बोकारो,
झारखण्ड। मॉब.9955509286