मनोरंजन

बादल – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्हा बादल आया आसमान में,

छुपा-छुपा कर बरसाए पानी।

धरा पे रंगीन फुल खिल जाएं,

हर तरफ खुशियाँ मनाए।

 

हवा से बातें करता है,

पंछियों संग खेलता है।

बारिश की बूंदें लाता है,

धरती को ताजा कर जाता है।

 

आओ मिलकर बादल से कहें,

हम भी खुशियाँ बाँटें।

नन्हा बादल है प्यारा दोस्त,

सबका दिल खुश रखे।

-डॉo सत्यवान सौरभ 333,

परी वाटिका, कौशल्या भवन,

बड़वा (सिवानी) भिवानी,

हरियाणा – 127045

 

Related posts

हे बाबा केदारनाथ – कालिका प्रसाद

newsadmin

पंजाबी साहित्य में डॉ.अमरजीत कौंके एक विलक्षण प्रतिभा – जसप्रीत कौर

newsadmin

कविता (मैं भारत हूँ) – जसवीर सिंह हलधर

newsadmin

Leave a Comment