( 1 ) करें उद्यम
न डरें, न ही भागें…,
प्रयास करें !!
( 2 ) पुरुषार्थ से
चलो भाग्य बदलें….,
नसीब गढ़ें !!
( 3 ) श्रम श्रृंगार से
जीवन है निखरे….,
आनन खिले !!
( 4 ) अनवरत
जो मेहनत करे…..,
नेमत मिलें !!
( 5 ) स्वयं के मित्र
शत्रु को पहचानें….,
भागें न डरें !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान