मनोरंजन

यही सच है – सुनील गुप्ता

 

यही सच है

जीवन का हमारे..,

कि, हमें पता नहीं मंज़िल का !!1!!

 

चले जा रहे

अंजान रास्ते पे…,

पर, ध्यान नहीं ध्येय लक्ष्यों का !!2!!

 

बढ़ते चल रहे

सुषुप्ति अवस्था में ..,

पर, पता नहीं हमें अगले पल का  !!3!!

 

जलाते चल रहे

चिराग रोशनी के…,

पर, पता नहीं दिए तले अंधेरे का !!4!!

 

भूतकाल में विचरते

सपने भविष्य के बुनते..,

भूला बैठे हम सच जीवन का !!5!!

– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

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