( 1 ) वो
एक गीत सुन लो ज़रा,
जो कभी तुमने यहाँ सुना नहीं !
था वो मेरे उम्र भर का रियाज़…,
सुनने से पहले ही, दफ़न कर दिया कहीं !!
( 2 ) वो
दर्द से भरी है मेरी कहानी,
जो कभी तुमने पहले सुनी नहीं !
था वो मेरी ज़िन्दगी का ऐसा एक ज़ख्म..,
जिसे इससे पहले न कभी छिपाया गया !!
( 3 ) वो
प्रीत जो थी एक तरफ़ा,
और जिसे कोई दूजा समझा नहीं !
था वो मेरी तकदीर का एक ऐसा पन्ना…,
जिसे आजतक पलटके किसी को दिखाया नहीं !!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान