मनोरंजन

नन्ही मुस्कान – डॉ. सत्यवान सौरभ

 

चंदा मामा की सुन लो कहानी,

सितारों की टोली, है कितनी सुहानी।

रंग-बिरंगे सपने बुनते हम,

मिट्टी से खुशबू चुनते हम।

 

धूप संग खेलें, बारिश संग नाचें,

फूलों की पंखुड़ी से हंसते-गाते।

तितली की उड़ान, परियों का जहान,

हर पल जी लो, यही है असली पहचान।

 

राहों में हो कितनी भी कठिनाई,

हिम्मत से आगे बढ़ते ही आए।

नन्हें हाथों में है दुनिया बदलने की जान,

चलो हंसते-गाते, सजाएं प्यारी सी पहचान।

– डॉo सत्यवान सौरभ 333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा भिवानी,  हरियाणा

 

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