मनोरंजनठहरा हुआ हरापन – ज्योत्सना जोशी by newsadminMarch 12, 20250134 Share0 कुछ छूटी हुई जगहों में रखे हुए पल , बीते हुए अहसास जाते हुए वक्त संग बंद मुट्ठी में सांसें समेटे , एक एक गिरते हुए पात और आते हुए कोंपल के इस मध्यांतर में कुम्हलाया हुआ मर्म भरकर वो ठहरा हुआ हरापन शब्द शून्य सा कुछ है – ज्योत्सना जोशी , देहरादून