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मेरी जान, मेरा तिरंगा – सुनील गुप्ता

है मेरी जान, मेरा तिरंगा

जीना मरना इसके लिए  !

गूंजे सदा जीत का तराना….,

है यही चाहत देश के लिए !!1!!

 

लहराए चलें प्यारा तिरंगा

उत्तुँग हिम शिखरों पे सदा  !

और गाए चलें विजयी गीत…..,

बढ़ाते कदम मंज़िल पे सदा !!2!!

 

है आन बान शान तिरंगा

बना माँ भारती का ये प्रिय   !

विश्व विजयी तिरंगा प्यारा….,

हरेक भारतीयों के बसे हिय !!3!!

 

हर हाथों में लिए तिरंगा

आओ इसे हर घर फहराएं   !

बजाते बिगुल शहनाई नगाड़ा….,

चलें जयकारों से धरा गूंजाएं !!4!!

 

है पावन प्यारा ये तिरंगा

चले भरता देशभक्ति जुनून  !

इसकी रक्षा खातिर सभी….,

सिपाही देते हैं अपना खून !!5!!

 

देख गदगद होएं ये तिरंगा

और जोश उमंग मन में भरे   !

चलें गाते वंदे मातरम…..,

और लगें चहुँ ओर जयकारे !!6!!

 

सदैव ऊँचा रहेगा ये तिरंगा

और यशगान गाएंगे मिल सभी  !

गूंजेगा देशभक्ति का तराना…..,

पर्व जीत का मनाएंगे सभी !!7!!

 

है मेरी जान, मेरा तिरंगा

हूं नतमस्तक इसके आगे  !

रखूंगा सदा इसे मैं ऊँचा…..,

चाहें आएं तूफान यहां कैसे !!8!!

 

मेरी माटी, मेरा ये देश

है मेरा गौरव स्वाभिमान  !

इसकी रक्षा खातिर सदा…..,

चलूं करता अपना बलिदान !!9!!

सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

 

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