मनोरंजन

ध्यान – झरना माथुर

कैसे ध्यान धरु मै तेरा,

आशा तृष्णा ने मुझे घेरा।

 

जब भी तेरे द्वार पे आऊँ ,

एक नयी मुराद लेके आऊँ,

कम न हो इच्छाओ का घेरा,

कैसे ध्यान धरु मै तेरा।

 

जो तूने मुझे भुला दिया,

क्रोध को अपना लिया,

लगे ना मन सेवा मे मेरा,

कैसे ध्यान धरु मै तेरा।

 

कैसे ध्यान धरु मै तेरा,

आशा तृष्णा ने मुझे घेरा।

झरना माथुर , देहरादून , उत्तराखंड

Related posts

10% क्षेतिज आरक्षण तत्काल लागू करे : जगमोहन सिंह

newsadmin

प्रकृति को भी नुकसान पहुंचा रही अधिक बारिश – सुनील कुमार महला

newsadmin

गीत – मधु शुक्ला

newsadmin

Leave a Comment