मनोरंजनग़ज़ल – ऋतु गुलाटीnewsadminJuly 30, 2022 by newsadminJuly 30, 20220457 कत्ल कर रहे अरमां वो, हमे शिकायत है। कुछ कहा नही मैने क्या यही शराफत है।। प्यार आज करते है आपसे सुनो छलिया। आप...
मनोरंजनजय भोले शंकर – विनोद शर्मा विशnewsadminJuly 30, 2022 by newsadminJuly 30, 20220362 ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय। हे ! नागेश्वराय हे ! त्रिलोचनाय, हे ! विश्वेश्वराय हे ! महादेवाय।...
मनोरंजनआजमाइश करो- राजीव डोगराnewsadminJuly 28, 2022 by newsadminJuly 28, 20220351 नफरत की नहीं मोहब्बत की आजमाइश करो। परायो की नहीं अपनों की आजमाइश करो। बुराई की नहीं अच्छाई का ढोंग करने वालों की आजमाइश करो।...
मनोरंजनअंजनी लाल तुम्हें प्रणाम – कालिका प्रसादnewsadminJuly 28, 2022 by newsadminJuly 28, 20220345 भक्तों के तुम रक्षक हो, नेह की राह बताते हो, तेज तपस्वी महावीर तुम, हे अंजनी के लाल तुम्हें प्रणाम। घर -घर पूजे जाते...
मनोरंजनहरियाली तीज – झरना माथुरnewsadminJuly 28, 2022 by newsadminJuly 28, 20220345 आई तीज हरियाली, सखी री झूमो गाओ। सखियन को झूलना झुलाओ, सखी नाचो गाओ। चौक पुराओ सखी, मंगल गाओ, बयना मन्सो सखी, नंद को...
मनोरंजनकविता (खिसियानी बिल्ली) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJuly 27, 2022 by newsadminJuly 27, 20220336 खिसियानी खंभे को नौंचे, कौतुक देखो बिल्ली का । रूप बदलता नहीं सुहाया,उसको मेरी दिल्ली का ।। जनहित के मुददे से हटकर ,अपना रस्ता...
मनोरंजनअब लौट आओ साँवरिया – किरण मिश्राnewsadminJuly 27, 2022 by newsadminJuly 27, 20220370 सावन ये सूना..तेरे बिन.. सूनी मोरी अटरिया… लौट आओ साँवरिया.. .. पलकन झूला डारूँ.. .. नैनन पन्थ निहारूँ… …. इन यादों संग कब तक.....
मनोरंजनछप्पय छंद – प्रियदर्शिनी पुष्पाnewsadminJuly 27, 2022 by newsadminJuly 27, 20220331 सावन मास विशेष, लगे प्रिय औघड़दानी। बिल्वपत्र नैवेद्य , जटाधर आप बखानी।। ज्येष्ठ महीना गर्म, हलाहल में शिव जलते। शीतल भाव प्रदेय, सुखद जल...
मनोरंजनभोजपुरी बिरह गीत – श्याम कुँवर भारतीnewsadminJuly 27, 2022 by newsadminJuly 27, 20220368 कईला काहे हमसे अइसन तू प्यार बलमु | छोड़ी दिहला हमके तू मजधार बलमु | तोहरे बिना लउके हमके सगरो अनहरिया | अंसुवे मे...
मनोरंजनधर्म चिंतन दिव्यानंदम – टी. एस. शान्तिnewsadminJuly 27, 2022 by newsadminJuly 27, 20220357 utkarshexpress.com – ज्ञानियों ने फरमाया है कि हे मानव तू अपनी संपत्ति को पहचान। राग, द्वेष तथा अहंकार के जाल से मुक्त जो होता है,...