मनोरंजनहिंदी ग़ज़ल – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJune 7, 2022 by newsadminJune 7, 20220330 लालच, लोभ ,मोह, बीमारी चारो खम्बों से चिपकी है । दकियानूसी सोच हमारी चारो खम्बों से चिपकी है । कर्तव्यों के सरिया पत्थर हर...
मनोरंजनमन स्थिति – प्रीती पारिखnewsadminJune 7, 2022 by newsadminJune 7, 20220288 आंखों की नमी पिघलती चौराहे पर, दफन करती अरमानों को, है बेबसी कैसी उसकी, है जान भी उसकी जाने को। आरजू पंख तोड़ती रही,...
मनोरंजनहोना कोई हानी – अनिरुद्ध कुमारnewsadminJune 6, 2022 by newsadminJune 6, 20220259 हरियाली धरती की आभा, सुंदरतम यह प्यारा। रंग बिरंगी फूल कली से, महक रहा जग सारा। वृक्ष लतायें जीवन दाई, चारो तरफ पसारा। इसकी रक्षा...
मनोरंजनगीत(इमरान सिद्धू वार्ता) – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJune 6, 2022 by newsadminJune 6, 20220255 ऐसा मोदी का खेल मित्र । उसके सम्मुख हम फेल मित्र ।। हमसे ये बड़ा खिलाड़ी है । दुनियां में दिखे अगाड़ी है ।...
मनोरंजनगीत (मधुवल्लरी छंद) – मधु शुक्लाnewsadminJune 6, 2022 by newsadminJune 6, 20220211 जल के बिना संभव नहीं है जिंदगी, क्यों भूल बैठे नीर की हम वंदगी। निर्झर, नदी, तालाब का जल घट रहा, अब टैंकरों से...
मनोरंजनयुवा – जि.विजय कुमारnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220321 उठो युवक, नींद में से उठो, आपके हाथ मे देश का भविष्य है। लक्ष की ओर चलते रहो, न रूको , न डरो, न...
मनोरंजनगजल – ऋतू गुलाटीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220302 हो रही घर तबाही नशा मानिये। बच गये मरने से तुम दुआ मानिये। चँद पल की खुशी दे रही है मजा। छोड़ दारू को...
मनोरंजनहिंदी समाचार पत्र के प्रतिनिधि धन्य है जो हिंदी का परचम फहराये हुए है : संगम त्रिपाठीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220282 Neerajtimes.com जबलपुर (मध्यप्रदेश) – आज भी हिंदी अपने देश में अस्तित्व के लिए जूझ रही है बताइए है न आश्चर्य की बात हमारे कुछ कवि...
मनोरंजनप्रेरणा हिंदी सभा में उत्तर से दक्षिण तक हिंदी प्रेमी जुड़े : संगम त्रिपाठीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220304 neerajtimes.com जबलपुर (मध्यप्रदेश) – राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित संस्था प्रेरणा हिंदी प्रचार सभा में उत्तर से लेकर दक्षिण तक हिंदी प्रेमी कवि साहित्यकार समाजसेवी पत्रकार...
मनोरंजनधरती – ममता जोशीnewsadminJune 5, 2022 by newsadminJune 5, 20220566 हमेंशा मुझको गोद लिए , कितना प्यार तू करती है। मैं गलती लाखों करके भी, तू शिकायतें नहीं करती है। हे मां मेरी धरती मां।।...