मनोरंजन“ख़ामोश रिश्तों की चीख़” – प्रियंका सौरभnewsadminJuly 30, 2025July 30, 2025 by newsadminJuly 30, 2025July 30, 20250337 तुम कहते रहे — “तुम तो हमेशा ज़्यादा सोचती हो…” मैं हर बार कम बोलती गई, हर बार थोड़ा और खोती गई। तुमने...
मनोरंजनग़ज़ल – रीता गुलाटीnewsadminJuly 30, 2025 by newsadminJuly 30, 20250243 नेकी करे सभी से ये कहना जरूर है, पापो को आज अपने हटाना जरूर है। इस जिंदगी मे यार तुम्हे चाहते बड़ा, तुम...
मनोरंजनबोल जयकार के – श्याम कुंवर भारतीnewsadminJuly 29, 2025 by newsadminJuly 29, 20250295 बोल जयकार के जलवा चढ़ावा मोरे सइयां दिलवर जान। शिव ओंकार में मनवा लगावा मोरे सइयां दिलवर जान। डम डम डमरू बाजे बाबा...
मनोरंजनछन्द – जसवीर सिंह हलधरnewsadminJuly 28, 2025 by newsadminJuly 28, 20250220 सामने वाले को कभी तुच्छ मत मानियेगा, घटिया कहेँगे लोग कवि व्यवहार को ! नये नये कवियों का हौसला बढ़ाओगे तो, दिल में...
मनोरंजनसावन में आखिर मन शिवमय क्यों – सुनील गुप्ताnewsadminJuly 28, 2025 by newsadminJuly 28, 20250241 ( 1 ) सावन में बरसें जब मेघ मल्हार., तब मन नाचे, डालें शिव पे जलधार !! ( 2 ) सावन में कूके जब कोयल...
मनोरंजनऔर कोई नहीं, वह खुद ही ? – गुरुदीन वर्माnewsadminJuly 27, 2025 by newsadminJuly 27, 20250285 और कोई नहीं, वह खुद ही जिम्मेदार होता है। अपनी मुसीबत का, वह खुद ही कसूरवार होता है।। और कोई नहीं, वह खुद————————।। ...
मनोरंजनये देवघरिया बाबा – श्याम कुंवर भारतीnewsadminJuly 27, 2025 by newsadminJuly 27, 20250224 बहेला नयनवा झर झर रउवा बानी जटाधरीया, ये देवघरिया बाबा भगत बनल बाड़े सब कांवरिया ये देवघरिया बाबा। चलल नाही जाता पत्थरवा पर...
मनोरंजनयही सच है – सुनील गुप्ताnewsadminJuly 26, 2025 by newsadminJuly 26, 20250287 यही सच है जीवन का हमारे.., कि, हमें पता नहीं मंज़िल का !!1!! चले जा रहे अंजान रास्ते पे…, पर, ध्यान नहीं ध्येय...
मनोरंजननमःपार्वती, हर-हर महादेव – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminJuly 26, 2025 by newsadminJuly 26, 20250252 तन सजे मृग छाला गले में है नाग माला, मुद्रा दिखती कृपाला, मन से प्रणाम है। भस्म सर्व अंग सोहे मनोरम रूप मोहे...
मनोरंजनबच के रहना – अनिरुद्ध कुमारnewsadminJuly 25, 2025 by newsadminJuly 25, 20250291 सर्प सरीखा ना कुछ दूजा। सर्पों का संसार अजूबा।। डरता इससे, सारा सूबा। डंडा ले दिखलाता कूबा।। सर्प फिरें होके मतवाला। लाल हरा...