मनोरंजन

छन्द – जसवीर सिंह हलधर

 

सामने वाले को कभी तुच्छ मत मानियेगा,

घटिया कहेँगे लोग कवि व्यवहार को !

 

नये नये कवियों का हौसला बढ़ाओगे तो,

दिल में सजा के वो रखेंगे इस प्यार को !

 

साहित्य के साधकों से एक अनुरोध मेरा,

सुचिता के साथ करो मंच कारोबार को !

 

अच्छी नीतियों के लिए शान में क़सीदे पढ़ो,

बुरी नीतियों के लिए घेरो सरकार को !

– जसवीर सिंह हलधर , देहरादून

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