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और कोई नहीं, वह खुद ही ? –  गुरुदीन वर्मा

 

और कोई नहीं, वह खुद ही जिम्मेदार होता है।

अपनी मुसीबत का, वह खुद ही कसूरवार होता है।।

और कोई नहीं, वह खुद————————।।

 

जबकि मालूम है उसको भी, बद से होती है बदी।

अपनी बर्बादी का, इंसान खुद ही खतावर होता है।।

और कोई नहीं, वह खुद——————–।।

 

भूल क्यों जाता है इंसान, अपनी जमीं-ओ-जमीर।

अपनी मुफलिसी का, इंसान खुद ही गुनाहगार होता है।।

और कोई नहीं, वह खुद————————।।

 

बनता नहीं है नसीब भी यह, मेहनत किये बगैर कभी।

अपनी किस्मत का, इंसान खुद ही रचनाकार होता है।।

और कोई नहीं, वह खुद————————।।

 

अपनी मंजिल तो, हमें ही खुद करनी होगी हासिल।

अपनी किश्ती का, इंसान खुद ही पतवार होता है।।

और कोई नहीं, वह खुद————————।।

– गुरुदीन वर्मा आज़ाद, तहसील एवं जिला- बारां (राजस्थान)

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