मनोरंजनगीतिका – मधु शुक्लाnewsadminAugust 4, 2025 by newsadminAugust 4, 20250295 प्रबल विरोधी, हों जब अपने , तय तब होते , कंटक मिलने। कठिन परीक्षा, जीवन लगता, जब लग जाते , रक्षक डसने। ...
मनोरंजनप्रकृति से मेरा प्यार – सविता सिंहnewsadminAugust 4, 2025 by newsadminAugust 4, 20250152 जब भी खोलूँ मैं अपने द्वार जब भी खोलूँ खिड़की द्वार, दिखे नभ मेघ का प्रणय अपार। करते दोनो लुका छिपी, रहते मिल के...
मनोरंजनराष्ट्रवाद का रंगमंच – प्रियंका सौरभnewsadminAugust 3, 2025 by newsadminAugust 3, 20250254 रात की चादर तले, स्क्रीन पर उठता है शोर, लाहौर की दीवारें काँपती हैं, ऐसा चलता है ज़ोर। धमाकों की छवियाँ, सीजीआई की चमक,...
मनोरंजनवृंदावन भूल गैइला – श्याम कुंवर भारतीnewsadminAugust 3, 2025 by newsadminAugust 3, 20250292 हियवा में उठे बड़ा हुक हो, वृंदावन भूल गइला सवरू। भइल हमसे केवन चूक हो, वृंदावन भूल गइला सवरु। ओही वृंदावनवा कान्हा बंसिया...
मनोरंजनजय श्री हरि – कर्नल प्रवीण त्रिपाठीnewsadminAugust 2, 2025 by newsadminAugust 2, 20250268 हरि गुण गाते रहें प्रीति भी लगाते रहें, सच्चे भक्त का सदा ही यही व्यवहार है। ध्रुव-प्रहलाद सम भक्ति करें हरदम शीश झुके...
मनोरंजनतुलसीदास – सुनील गुप्ताnewsadminAugust 2, 2025 by newsadminAugust 2, 20250282 श्री रामबोला से बनें संत गोस्वामी तुलसीदास ! सदैव जपते रहे रामनाम…, कहलाए अनन्य भक्त हरिदास !!1!! हिंदू संत वैष्णव कवि राम भक्ति...
मनोरंजनज्ञानामृत से तन मन धोयें – अनिरुद्ध कुमारnewsadminAugust 1, 2025 by newsadminAugust 1, 20250310 सरल नहीं जीवन को जीना, घुट घुट कर ना आँसू पीना। नाहक दौड़ें गोता खाये, पागल मन काहे भरमाये।। चिंता आँसू को उकसाये,...
मनोरंजनमैं जीवन की कहानी लिखूँ ? – गुरुदीन वर्माnewsadminAugust 1, 2025 by newsadminAugust 1, 20250308 मैं अपने जीवन की और कहानी, लिखूँ क्या आगे। मैं अपने जीवन की और जुबानी, कहूँ क्या आगे।। क्या छुपाया है, क्या बताया नहीं,...
मनोरंजनचाँदनी रात में – डॉ. सत्यवान सौरभnewsadminJuly 31, 2025 by newsadminJuly 31, 20250258 चाँदनी रात आई प्यारी, सितारों ने जगे सारी। नन्हे पंछी गा रहे गीत, हवा में है मीठी प्रीत। तारों की चमक संग-संग, सपनों...
मनोरंजनअंजनेय छंद गीतिका – मधु शुक्लाnewsadminJuly 31, 2025 by newsadminJuly 31, 20250377 राम राम जो जन जपते हैं। बिन बाधा भव से तरते हैं। निश्छल भावों को पढ़ राघव , केवट तरनी में चढ़ते हैं।...