मनोरंजन

चाँदनी रात में – डॉ. सत्यवान सौरभ

 

चाँदनी रात आई प्यारी,

सितारों ने जगे सारी।

नन्हे पंछी गा रहे गीत,

हवा में है मीठी प्रीत।

 

तारों की चमक संग-संग,

सपनों की उड़ती रंग।

चाँद मामा मुस्काए,

सारे जहाँ को छू जाए।

 

रात की ठंडी हवा चली,

नन्हा दिल खुशी से मली।

सो जाओ अब मीठे स्वप्न,

सुबह लाए नई उम्मीद।

-डॉ. सत्यवान सौरभ, उब्बा भवन, आर्यनगर, हिसार (हरियाणा)-127045

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