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वर्द्धमान महावीर जयंती – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

महावीर ने विश्व को, दिया अहिंसा मन्त्र।
कैसे तोड़ें हम सभी, इच्छाओं का तन्त्र।।1
राज पाट सब छोड़ कर, वन में किया प्रवास।
आत्म ज्ञान का तब हुआ, उन में नवल विकास।।2
जीत इंद्रियों को लिया, जो था उत्तम काम।
अनुयायी गण ने दिया, महावीर का नाम।।3
प्रेम अहिंसा का दिया, अति उत्तम संदेश।
अनुयायी करते ग्रहण, शुभ सात्विक परिवेश।।4
आदिनाथ के बाद ही,बने प्रवर्तक आप।
जैन धर्म फूला-फला, जग में बढ़ा प्रताप।।5
रक्षा हो हर जीव की, हर प्राणी आबाद।
श्रद्धा से करते सभी, तीर्थंकर को याद।।6

  • कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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