neerajtimes.com देवबन्द — द दून वैली पब्लिक स्कूल, देवबन्द में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए “संकल्प से सफलता तक” विषय पर एक प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विद्यालय के डायरेक्टर एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रसिद्ध वक्ता अनुराग सिंघल रहे।
सत्र के दौरान अनुराग सिंघल ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता प्राप्त करने के विभिन्न मार्गों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि सफलता के लिए स्पष्ट लक्ष्य, दृढ़ संकल्प, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने समय का सदुपयोग करने तथा अपने दैनिक कार्यों को प्राथमिकता के अनुसार व्यवस्थित करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने टाइम मैनेजमेंट के महत्व को समझाते हुए बताया कि समय का सही नियोजन विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करता है। विज़न बोर्ड के माध्यम से अपने सपनों और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला।
सत्र में वर्किंग ऑन योर के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को निरंतर अभ्यास एवं मेहनत से निखारने का संदेश दिया गया। साथ ही, सर्च वन बेस्ट थिंक इन यू के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने भीतर छिपी प्रतिभा और विशेष खूबियों को पहचानने तथा उन्हें विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
अनुराग सिंघल ने मैनिफेस्टेशन के विषय में सकारात्मक सोच, स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर प्रयासों के महत्व को समझाया। उन्होंने कृतज्ञता के भाव को जीवन में अपनाने पर भी जोर दिया और बताया कि दूसरों का सहयोग, उपलब्ध अवसरों तथा जीवन की छोटी-बड़ी सफलताओं के प्रति आभार व्यक्त करना तथा सकारात्मक दृष्टिकोण जीवन में बड़ा बदलाव लाते हैं ।
विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने कहा कि सफलता केवल सपने देखने से नहीं मिलती, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए सही दिशा में निरंतर परिश्रम करना आवश्यक है। असफलताओं से सीखना, आत्मविश्वास बनाए रखना और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना ही सफलता तक पहुँचने का वास्तविक मार्ग है ।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सीमा शर्मा ने कहा कि यह सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, लक्ष्य निर्धारण एवं जीवन कौशल को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सार्थक पहल हैं । कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपने भीतर की प्रतिभा पहचानने, अपनी क्षमताओं को निखारने और दृढ़ संकल्प के साथ अपने भविष्य की ओर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। रिपोर्टर — महताब आज़ाद
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