मनोरंजन

शिक्षक महान – श्याम कुंवर भारती

संस्कार संयम सत्कार आदर्श और ज्ञान देते हैं।

अज्ञान अक्षमता हर अक्षर पहचान ध्यान देते हैं।

 

शिक्षण प्रशिक्षण परीक्षण से परिचय कराते गुरु।

चरित्र बना देकर घड़े को थपकी महान कर देते हैं।

 

खुद रहते अनुशासन में शिष्य को सम बनाते है।

कठोरता उदारता और प्यार से विद्वान कर देते हैं।

 

रहे न गर शिक्षक शिष्य का क्या होगा भटकेगा।

भाषा भविष्य गढ़ जग में शिष्य पायदान देते हैं।

 

ऊंचा स्थान सबसे गुरु का पश्चात भगवान का है।

सत सत नमन वंदन गुरु को शिष्य वरदान देते है।

-श्याम कुंवर भारती, बोकारो, झारखंड, मॉब.9955509286

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