उत्तराखण्ड

‘एक शाम देश के नाम’ थीम पर काव्य संध्या आयोजित

neerajtimes.com देहरादून – जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में काव्य संध्या खुशीराम लाइब्रेरी देहरादून में लब्ध प्रतिष्ठित कवियों, कवयित्रियों एवं साहित्यकारों की उपस्थिति में विधिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
मंचासीन मुख्य अतिथि पद्मश्री कल्याण सिंह रावत तथा कार्यक्रम अध्यक्ष मशहूर चित्रकार ज्ञानेंद्र कुमार रहे। विशिष्ठ अतिथियों में पधारे आदरणीय जगदीश बाबला, प्रसिद्ध शायर जनाब इकबाल आज़र, गीतकार शिव मोहन सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की वंदना श्रीमती ज्योत्सना जोशी की मधुर वाणी से किया गया। कार्यक्रम का सफल, सुसंगठित एवं विधिवत संचालन संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट नेह और संयोजक डॉ. क्षमा कौशिक द्वारा किया गया।
इस काव्यात्मक अनुष्ठान में उपस्थित समस्त साहित्य-प्रेमी, सुधीजनों का हार्दिक अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित कवियों एवं श्रोताओं ने अपनी सक्रिय सहभागिता से सभागार को साहित्यिक ऊर्जा, संवेदना एवं रचनात्मक उल्लास से ओतप्रोत कर दिया।
वार्षिकोत्सव के उपरांत संस्था के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने आद. जी. के. पिपिल , कुमार विजय ‘द्रोणी’ डॉ. क्षमा कौशिक , श्रीमती ज्योत्सना जोशी , श्रीमती निकी पुष्कर, युवा कवि विवेक श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह को सम्मानित किया।
एक शाम राष्ट्र के नाम –
सभी सदस्यों ने काव्य अपनी प्रस्तुति से सभागार को सुशोभित कर दिया। संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने “शांति का संदेश फैले देश का कल्याण हो” सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। ज्योत्सना जोशी ने “हंस वाहिनी माँ वीणापाणी” सरस्वती वंदना एवं देश के नाम भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की।
डॉ. क्षमा कौशिक ने देश के शहीदों को एक मुक्तक समर्पित कर तथा हरियाली तीज पर एक कजरी प्रस्तुत करके खूब तालियाँ बटोरी। श्रीमती निक्की पुष्कर ने “दी अपनी जान की कीमत”, भानु प्रताप ने “नमन करूँ उस माटी को” श्रीमती उर्मिला सिंह ने “ये बेटी भारत की बेटी” कविता की भाव पूर्ण प्रस्तुति दी। ओज कवि जसवीर हलधर ने सभागार में जोश भर दिया।
कार्यक्रम में एक से बढ़कर एक 35 कवियों ने देश भक्ति से पूर्ण कविताएँ प्रस्तुत कर देश भक्ति की लहर प्रवाहित की।
कार्यक्रम में मंचासीन पद्मश्री कल्याण सिंह रावत, ज्ञानेंद्र कुमार, जगदीश बाबला, जनाब इक़बाल आज़र , शिव मोहन सिंह, ने अपने उद्बोधन और काव्य प्रस्तुति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
कविता बिष्ट ‘नेह, डॉ. क्षमा कौशिक, जी.के. पिपिल (उपाध्यक्ष), कुमार विजय ‘द्रोणी’ (महामंत्री), जनाब अंबर खरबंदा, जोत्सना जोशी, निकी पुष्कर, विवेक श्रीवास्तव, भानु प्रताप सिंह, हेमचन्द्र सकलानी, संजीव मेहता, निशा अतुल्य, महेन्द्र प्रकाशी, उर्मिला राममूर्ति, डॉ. अनिल शास्त्री ‘शरद’, जसवीर सिंह हलधर, सुभाष चंद वर्मा, अशोक शर्मा, सुनील दत्त ‘बेदार’, रविन्द्र सेठ रवि, आभा सक्सेना ‘दूनवी’, डॉ. राकेश डंगवाल, शिवचरण ‘मुज़तर’, भारती आनंद, पीताम्बर जोशी, स्वाति मौलश्री तथा उनकी माता-पिता आदि की गरिमामयी उपस्थिति ने गोष्ठी को स्वाधीनता के रंग में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम अत्यन्त सफल, सार्थक एवं स्मरणीय बना। सभी कवियों ने अपनी सशक्त, भावपूर्ण एवं विचारोत्तेजक रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया तथा भरपूर तालियाँ बटोरीं।
सभी रचनाकारों के काव्य-पाठ के प्रत्येक क्षण में संवेदना, सामाजिक सरोकार एवं सौंदर्यबोध की सुगंध अनुभव की गई। यह साहित्यिक आयोजन सभी के हृदय में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ गया। सफल एवं सुन्दर कार्यक्रम हेतु समस्त सुधी श्रोताओं एवं कविगणों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। संस्था द्वारा आयोजित इस साहित्यिक अनुष्ठान को सफल बनाने हेतु संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ एवं समस्त पदाधिकारियों ने सभी का सादर आभार व्यक्त किया। (अध्यक्ष: कविता बिष्ट ‘नेह’, संयोजिका: डॉ. क्षमा कौशिक)

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