( 1 )” आ “, आप
हो शिव आशुतोष..,
करें स्वयं में आपकी खोज !!
( 2 )” शु “, शुभ
है आपका स्वरूप..,
ब्रह्मांड के हो रचियता अनूप !!
( 3 )” तो “, तोष
तृप्ति प्रदान करते..,
शुभ मंगल आनंद से भर देते !!
( 4 )” ष “,षट्
वस्तुएं जल दूध भांग..,
चंदन धतूरा बेलपत्र अर्पित करते !!
( 5 )” आशुतोष “, आशुतोष
शशांक शेखर चंद्र मौलि चिदंबरा..,
कोटि कोटि प्रणाम शंभू कोटि नमन दिगंबरा !!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,राजस्थान |