श्री विष्णु
वंदे हरि, नमन शान्ताकारं !
आप बसते हो हरि, हिय हमारे..,
भवभयहरं, सर्वलोकैकनाथम् !!1!!
श्री विष्णु
वंदे हरि, मेघवर्णँ शुभाङ्गम् !
आप हरो हरि, दुःख कष्ट हमारे..,
हो श्रीलक्ष्मी कांतम, कमल नयनम !!2!!
श्री विष्णु
वंदे हरि, योगिभिर्ध्यानगम्यम् !
आप हो हरि, अभय शक्ति देने वाले..,
सुहाए भुजगशयनं, पद्मनाभं सुरेशम् !!3!!
श्री विष्णु
वंदे हरि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् !
नित्य हरि स्तुति प्रार्थना भक्ति करते.,
सुख प्रेम आनंद ऐश्वर्य करते हैं प्राप्त !!4!!
श्री विष्णु
वंदे हरि, शुक्लाम्बरधरं !
आप ही हो विश्व के कल्याणकर्ता..,
श्री हरि विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् !!5!!
– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान