मनोरंजन

विश्व पर्यावरण दिवस – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

धरती ने आज पुकारा धीमे स्वर में,
“मत छीनो मुझसे ये हरियाली अमर में।”
सूखती नदियों की आँखें कहती कहानी,
लौटा दो फिर से वो ठंडी सी रवानी।
पेड़ों की छाया अब कम होने लगी है,
साँसों में धूल क्यों जमने लगी है?
आओ फिर से हरियाली का गीत गाएँ,
सूनी धरती को फिर से स्वर्ग बनाएँ।
नन्हा सा पौधा भी आशा जगाता है,
हर बूंद पानी जीवन मुस्काता है।
आज नहीं तो कल सबको समझना होगा,
प्रकृति के संग ही आगे बढ़ना होगा।
ना काटो जंगल, ना नदियों को रुलाओ,
अपने ही घर को यूँ मत जलाओ।
विश्व पर्यावरण दिवस ये संदेश देता है,
“प्रकृति बचाओ, तभी भविष्य रहता है।”
– राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
जगदलपुर राजिम , छत्तीसगढ़

Related posts

कह के रहेंगे – सुनील गुप्ता

newsadmin

रोला छंद – मधु शुक्ला

newsadmin

वो मनभावन भोर – सविता सिंह

newsadmin

Leave a Comment