राष्ट्रीय

मृत्योपरांत संपूर्ण देहदान के लिए संकल्पित अनमोल कुमार

neerajtimes.com पटना। दधिचि देहदान समिति को संकल्प पत्र देकर कर बरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी , अनमोल कुमार ने नया कृत्तिमान हासिल किया है। संकल्प पत्र में उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा हेतु मृत्योपरांत संपूर्ण शरीर दान करने का संकल्प लेता हूँ।
उन्होंने कहा कि मैं न तो राज्य प्राप्ति की कामना करता हूँ और न ही स्वर्ग या मोक्ष की इच्छा रखता हूँ। मेरी एकमात्र कामना है कि दुख संतप्त प्राणी, रोग एवं कष्ट से मुक्त हो जाए। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। नर ही नारायण है।
दधिचि ऋषि ने इन्द्र को कहा था कि अगर मेरी हड्डियों से लोककल्याण होता है तो यह देह किस काम है? उन्होंने अपना प्राण त्याग दिया और उनके रीढ की हड्डी से ब्रज बनाकर इन्द्र ने अत्याचारी वृत्रासुर नामक राक्षस का बनकर बध किया जिससेे देवताओं और मानवजाति का कल्याण हूआ।
आचार्य विनोबा भावे ने भी ऋषि दधिचि के हड्डी ( अस्थी ) दान का उदाहरण देते हुए जमींदारों को भूदान आन्दोलन को सफल बनाया था। “मरता है शरीर, अमर है आत्मा। देहदान से मिलता है, परमात्मा। ”
” मृत्यु को जीवन का अंत न बनाएं, उठाएं कदम करें संकल्प अंगदान का चुने विकल्प। ”
मृत्योपरांत संपूर्ण देहदान के लिए अनमोल कुमार को सम्मान पत्र दिया गया। सम्मान पत्र देने वालों में सिकिम्म, मिजोरम के पूर्व महामहिम राज्यपाल, गंगा प्रसाद, अध्यक्ष दधिचि देहदान समिति, पद्मश्री डाॅ विमल जैन, महासचिव, दधिचि देहदान समिति, डाॅ सुभाष प्रसाद, वरीय नेत्र रोग विशेषज्ञ, प्रदीप चौरसिया, दधिचि देहदान समिति के कोषाध्यक्ष शामिल थे।

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