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कविता – वैशाली रस्तोगी

कुछ बात कल के लिए मत छोड़ो ।

कुछ बात कल के लिए मत छोड़ो ,जिंदगी को जीने दो।

हर पल को जीने दो,अपने दिल की सुनने दो।

मत छोड़ो अपने सपनों को,मत छोड़ो अपनी राह को।

चलो आगे बढ़ो तुम।अपने लक्ष्य को पाने को।

कुछ भी बाद के लिए मत छोड़ो,अपने आप को बदलने दो।

हर मुश्किल का सामना करो।अपने दिल को मजबूत करो।

मत छोड़ो अपने रिश्तों को,मत छोड़ो अपने दोस्तों को।

जिंदगी को जीने दो,अपने तरीके से रहने दो।

-वैशाली रस्तोगी,लखनऊ, उत्तर प्रदेश

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