मनोरंजन

सदा शीश ऊँचा हो तेरा – सुधीर श्रीवास्तव

दस जनवरी दिवस है आया।
मात -पिता का मन हर्षाया।।
अनुजा दिव्या है मुस्काई।
मगन बहुत हैं सुधीर भाई।।

जीवन पथ पर आगे रहना।
हम सब कहते हैं बस इतना।।
हर पल में तुम खुश ही रहना।
सौगातों से झोली भरना।।

निधी शीश ऊँचा हो तेरा।
बस इतना ही सपना मेरा।।
नटखट चंचल मेरी बहना।
बनकर रहना तू मम गहना।।

सपने हों सब पूरे सारे।
ख्वाब पूर्ण हों तेरे प्यारे।।
अंबर में जस चमकें तारे।
तुम भी चमको जीवन सारे।

सदा सत्य का पथ अपनाना।
आदर्शों को गले लगाना।।
संस्कार जीवन में धारो।
मानवता को सदा निखारो।।

खुशियाँ सदा तुम्हें अपनायें।
सारे जीवन को महकायें।।
हिल मिल सदा गेह में रहना।
मात – पिता भाई या बहिना।।

सबकी ही आशीष मिलेगी ।
जीवन बगिया सदा खिलेगी ॥
सत्कर्मों में ही रुचि रखना।
वर्जित पथ का स्वाद न चरना॥

(डा. निधी बोथरा जैन के जन्मदिन (१० फरवरी) पर विशेष0

  • सुधीर श्रीवास्तव, गोण्डा, उत्तर प्रदेश

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