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अतिपावन सावन – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

 

विपदा में जो भी पड़ा, शिव ही तारणहार।

भक्तों की रक्षा हेतु ही, किये असुर संहार।।

 

श्री त्रिपुरारी आपकी, महिमा अपरंपार।

हाथ जोड़ कर भक्त जन,नमन करें शत बार।।

 

हे वासी कैलाश के, श्री शंकर भगवान।

भगीरथी धारण किया, करने जग कल्यान।।

 

भोले का अभिषेक हो, गंगाजल की धार।

पाप नाशिनी गंग ही, करतीं जग उद्धार।।

 

भागीरथ का तप सफल, और सफल अभियान।

निर्मल गंगा धार दे, जनजीवन को जान।।

 

पतितपावनी गंग का, करें सदा सम्मान।

स्वच्छ इन्हें फिर से करें, सभी लगा कर जान।।

 

गंगा को धारण किया, करने जग कल्याण।

गोमुख से तब सिंधु तक, गंगा करें प्रयाण।।

 

गंगाजल अभिषेक से, शिव को करें प्रसन्न।

दुख दारिद सारे मिटें, जगत बने संपन्न।।

– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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