उत्तराखण्ड

जीवन्ती व हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के बैनर तले “एक शाम वीरों के नाम”का हुआ भव्य आयोजन

neerajtimes.comदेहरादून – बसंत पंचमी के शुभ पर्व, महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती तथा गणतंत्र दिवस के पावन उपलक्ष्य में हृदयांगन साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तथा जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बासंती रंगों से सजी भावपूर्ण काव्य-संध्या “एक शाम वीरों के नाम” का भव्य आयोजन हरिशरण कैनाल रॉड देहरादून में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती संतोषी दीक्षित द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम का कुशल एवं विधिवत संचालन श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ “संस्थापक-अध्यक्ष” (जीवन्ती देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ) द्वारा किया गया।
मंचासीन अतिथियों में मुख्य अतिथि रहीं आदरणीया श्रीमती मधु भट्ट (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड संस्कृति साहित्यिक कला परिषद) ने अपने प्रेरक एवं सारगर्भित वक्तव्य में हिंदी भाषा के उत्थान, पहाड़ की संस्कृति, नारी शक्ति तथा उत्तराखंड की सांस्कृतिक अस्मिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं हृदयांगन साहित्यिक संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने की।
विशिष्ट अतिथियों के रूप में अनिल अग्रवाल (चेयरमैन, प्ले पेन स्कूल), डॉ. इंदु अग्रवाल, अम्बर खरबंदा , शिव मोहन सिंह, रजनीश त्रिवेदी, श्रीकांत श्री जी, अंबिका रूही उपस्थित रहे। इस साहित्यिक संध्या में साहित्य-प्रेमियों, कवियों एवं श्रोताओं ने देश प्रेम, शौर्य, त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति की भावधारा में स्वयं को भाव-विभोर पाया। कवियों ने अपनी कविताओं एवं गीतों के माध्यम से शहीदों की स्मृति, वीर सैनिकों के अदम्य साहस तथा राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
काव्य-संध्या में अनेक कवियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से समा बाँध दिया। इस अवसर पर साहित्यकारों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई—
डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, कविता बिष्ट ‘नेह’, जी.के. पिपिल, कुमार विजय द्रोणी, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, डॉ. भारती मिश्रा, अम्बर खरबंदा, रजनीश त्रिवेदी, डॉ. इंदु अग्रवाल, सत्य प्रकाश ‘सत्य’, श्रीकांत श्री, जसवीर हलधर, महेश्वरी कनेरी, शिव मोहन सिंह, स्वाति मौलश्री, सतेंद्र तरंग, संजय प्रधान, अर्चना झा ‘सरित’, नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’, निशा अतुल्य, डॉ. क्षमा कौशिक, संतोषी दीक्षित, आनंद दीवान, धृति चतुर्वेदी, शशांक चतुर्वेदी, अंबिका रूही, तान्या चतुर्वेदी, सुशील आदि रहें। उपस्थित साहित्यिक जगत ने उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।
कार्यक्रम में श्रीकांत श्री जी ने राम जी पर आधारित अपनी भावपूर्ण रचना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कविता बिष्ट ‘नेह’ ने “देश प्रेम की ज्वाला जागी, तन-मन हुआ उमंगा” सुनाकर सदन को राष्ट्रप्रेम से सराबोर कर दिया। मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने शिव स्तुति कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। डॉ. क्षमा कौशिक ने घनाक्षरी छंद सुनाकर मन मोह लिया। डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’ ने पंचचामर छंद प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी कवि-कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से पूरे सदन को विविध भावों से सजाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
सभी कवियों ने देशभक्ति, वीरता, त्याग और बलिदान के विविध स्वरूपों को शब्दों में पिरोकर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के मध्य स्वर्गीय शहीद अमरनाथ चतुर्वेदी तथा हृदयांगन के संयोजक स्वर्गीय नीरजकांत सोती एवं अर्चना झा ‘सरित’ के पूज्य पिता श्री को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।

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