मनोरंजन

प्रातः नमन – डा० क्षमा कौशिक

रूप मोहक मधुर मनहर,
प्रिये तुम्हें जी भर निहारूं।
सुभग सुंदर श्याम तेरे,
रूप पर तन मन मैं वारूं ।।
छेड़ दो तुम तान ऐसी,
जग ये सारा भूल जाऊँ।
श्याम रंग, में रंग पिया,
और रंग सब भूल जाऊं।।
– डा० क्षमा कौशिक,
देहरादून, उत्तराखंड

Related posts

जरूरी तो नहीं – विनोद निराश

newsadmin

सावन में आखिर मन शिवमय क्यों – सुनील गुप्ता

newsadmin

नेह का बंधन – मधु शुक्ला

newsadmin

Leave a Comment