मनोरंजन

छठ पर्व – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

व्रत रखें सब लोग दिन भर साँझ को पूजन करेंगे।
टोकरी में ठेकुआ, फल-फूल भर सिर पर धरेंगे।
हों खड़ें जल में सभी जन अर्घ्य देंगे भानु जी को,
हे प्रभाकर दें खुशी सब कष्ट जन-जन के हरेंगे।
संग में माता छठी की शुभ कहानी भी सुनाएं।
ध्यान करके सूर्य का छठ मातु को मस्तक नवाएं।३

तीन दिन तक की तपस्या पूर्ण उसको सब करेंगे।
भोर में ही अर्घ्य दे सम्मान में सब सिर झुकेंगे।
मातु छठ आशीष दें यह कामना मन में विराजे,
पर्व बारम्बार आये यह कथन सब से सुनेंगे।
छठ व्रती थाती अनूठी प्रेम से आगे बढ़ाएं।
नेह की बाती लगा कर दीप की माला सजाएं।४
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश

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