मनोरंजन

नन्हा सूरज – डॉ. सत्यवान सौरभ

 

सुबह-सुबह नन्हा सूरज,

चमके आसमान में।

लाल-पीला, गोल-मटोल,

खेलता हर जहाँ में।

 

सूरज की किरणें प्यारी,

धरा पर प्यार लाएं।

बच्चों की हँसी में बसती,

खुशियाँ सब गुनगुनाएं।

 

आओ मिलकर सूरज को,

गाएँ हम गीत प्यारे।

हर दिन हो रंगीन सा,

खुशियों से भरा सवेरा।

-डॉo सत्यवान सौरभ 333,

परी वाटिका, कौशल्या भवन,

बड़वा (सिवानी) भिवानी,

हरियाणा – 127045

 

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