चुन्नी वाली गुड़िया आई,
नाचती-गाती चली आई।
लाल चुन्नी सिर पे लिए,
मिट्टी की खुशबू लिए।
हँसती, झूमती, खेलती जाए,
सपनों की दुनिया दिखाए।
दोस्तों संग मस्ती करे,
खुशियों का गीत गाए।
गुड़िया सी प्यारी हर बच्ची,
सपनों की रानी बड़ी हँसी।
आओ सब मिलकर कहें,
खुशियों से भर दे जीवन।
-डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045