माँ चंद्रघंटा
देवी बलशाली,
सिंह विराजे !!1!!
दस भुजाएं
सिर पे अर्धचंद्र,
माँ अद्वितीय !!2!!
अमोघ अस्त्र
शस्त्रों से विभूषित,
माँ वरदानी !!3!!
दुर्गा भवानी
माता जग कल्याणी,
अभयदानी !!4!!
दुष्ट दलन
माँ उद्धार करती,
चले हर्षाती !!5!!
– सुनील गुप्ता
जयपुर,, राजस्थान |