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तीस लाख की रॉयल्टी वाला उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी” – विवेक रंजन श्रीवास्तव 

neerajtimes.com – विनोद कुमार शुक्ल का उपन्यास “दीवार में एक खिड़की रहती थी” इन दिनों काफी चर्चा में है। इस उपन्यास में एक छोटे शहर के नवविवाहित व्याख्याता रघुवर प्रसाद और उनकी पत्नी सोनसी की साधारण पर अनूठी जीवन यात्रा का भावपूर्ण चित्रण है। यह कथा एक संकुचित किराए के कमरे में बुनी गई है, जिसमें रसोई, बैठक और शयनकक्ष सब कुछ समा जाता है, और वहीं कमरे की दीवार में बनी एक खिड़की उपन्यास का केंद्रीय बिंब बनती है। रघुवर प्रसाद और सोनसी जिस निम्न मध्यवर्गीय जीवन में जीते हैं, उसके सीमित साधनों, संकोचों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद भी वे आपसी प्रेम, सहज स्वीकृति और सपनों के सहारे जिए जाते हैं। उपन्यास यह दर्शाता है कि कैसे रोज़मर्रा की जिंदगी, जिसमें बड़ी सुख सुविधाएँ नहीं हैं, अपनी साधारणता में सौंदर्य और जादू समेटे हुए है।
इस कमरे की खिड़की उनके लिए न केवल यथार्थता और कल्पना के बीच का पुल है, बल्कि यह उम्मीद और आज़ादी का प्रतीक भी है। खिड़की के उस पार से एक जादुई संसार खुलता है, जहाँ प्रकृति, नदी, तालाब, पशु-पक्षी और बूढ़ी अम्मा की दिलचस्प उपस्थिति मिलती है, जो पति-पत्नी पर स्नेह उड़ेलती हैं। इस खिड़की से होकर वे प्रकृति के साथ एकाकार हो जाते हैं। वे चुपचाप प्रेम करते हैं, नदी में नहाते हैं, और बूढ़ी अम्मा की बनाई चाय पीते हैं। आस पड़ोस के लोग, गाँव से आए रघुवर के माता पिता और छोटा भाई, सब इस जीवन का हिस्सा बनते हैं। सच्चा सुख जन्म जन्मांतर की चाहत में नहीं, बल्कि जीवन के साधारण क्षणों में छुपा है , उपन्यास हमें यही संदेश देता है।
शुक्ल जी की भाषा में कविता का रंग है । वह एक दृश्य या भाव को सूक्ष्मता, सहजता और हास्य के साथ इतनी गहराई से चित्रित करते हैं कि पाठक पात्रों की अनुभूति को स्वयं महसूस करने लगते हैं। रघुवर और सोनसी शिकायत नहीं करते, जीवन को उसकी समग्रता के साथ स्वीकारते हैं । वे सपनों के सहारे हर कठिनाई को मुस्कराते हुए जीते हैं। लेखक रोज़मर्रा के जीवन के छोटे-छोटे क्षणों में छुपी जीवंतता, शांति और प्रेम को उजागर करते हैं। इस तरह “दीवार में एक खिड़की रहती थी” सीमित संसाधनों वाले काल्पनिक संसार में असाधारण उम्मीदों, कविता, कल्पना और जीवन रस का उत्सव है, जो हमें अपने साधारण जीवन में असाधारण सौंदर्य देखने की दृष्टि देता है। (विभूति फीचर्स)

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