मनोरंजन

सनातन – सुनील गुप्ता

 

( 1 )” स “, सत्य-सत्य है

सनातन अनंत..,

आदि चिंतन !!

 

( 2 )” ना “, नारायणीय

उपाख्यान संवाद..,

वेद वाङ्‌मय !!

 

( 3 )” त “, तत्त्वमसि हो

है मिथ्या जगत ये..,

ब्रह्म सत्य है !!

 

( 4 )” न “, न ये मेरा है

शाश्वत आत्मा यही..,

है सनातन !!

– सुनील गुप्ता (सुनीलानंद), जयपुर, राजस्थान

Related posts

मां – राजेश कुमार झा

newsadmin

विधना नाच नचावे प्रेरणा दाई फिल्म निर्माता प्रभात वर्मा मंजे हुए कलाकार है : कवि संगम त्रिपाठी

newsadmin

मैंने देखा – दिव्य-प्रियंवदा काफ्ले

newsadmin

Leave a Comment