मनोरंजन

आज सुख शान है- अनिरुद्ध कुमार

 

मातुश्री मानतें,जान कुरबान है,

गा रहें गीत लब, भारत महान है।

 

धन्य वो लोग थे, ना फिकर जान की,

ख्याल में आज भी, बीर बलिदान है।

 

हाल बेहाल जब, कौन जानें किसे,

हिन्द के नाम से, आज पहचान है।

 

पूजती ये धरा, बीरता को नमन,

झूमतीं यह जमीं, रोज गुनगान है।

 

यह तिरंगा हँसें, बादलों में खुशी,

जी रहें शान से, मान अभिमान है।

 

आज गंगा यहाँ, नित पखारे चरण,

लोग सब जानतें, जग कदरदान है।

 

विश्व गुरु मानतें, जानतें हैं सभी,

भारती जान है, आज सुख शान है।

– अनिरुद्ध कुमार सिंह, धनबाद, झारखंड

Related posts

गीत (उपमान छंद) – मधु शुक्ला

newsadmin

समय बदलता तो हैं, पर थोडा देर से – पीयूष गोयल

newsadmin

प्रवीण प्रभाती – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

newsadmin

Leave a Comment