मनोरंजन

जिंदगी – डॉ. रेखा मित्तल

 

दो प्याली चाय

कुछ कविताएं

कुछ कहानियां

संग तुम्हारी बातें

गंभीर सी हंसी

न जाने वह

सुरमई सी शाम

बहुत याद आती हैं

तुम्हारे साथ

बातों बातों में

वक्त को

कर दरकिनार

जीवन की

भागदौड़ से दूर

यह जिंदगी

एक खूबसूरत

आस बन जाती हैं।

– डॉ. रेखा मित्तल, चंडीगढ़

Related posts

दुनिया के सबसे बड़े रेलवे नेटवर्क में क्यों होते है सिग्नल फेल? – प्रियंका सौरभ

newsadmin

प्रेम वर्ण का हो स्पंदन – डॉ मेघना शर्मा

newsadmin

गीत – जसवीर सिंह हलधर

newsadmin

Leave a Comment