मनोरंजन

मुश्किल कुछ भी नहीं है –  गुरुदीन वर्मा

 

मुश्किल कुछ भी नहीं है, हो अगर मन में लगन।

जमीं को छोड़ो बात, झुक भी जाता है गगन।।

मुश्किल कुछ भी नहीं है———————।।

 

कहते हैं लोग जमीं पर, कभी वहाँ था मरुस्थल।

सम्भव नहीं था जहाँ पर, मिलना कभी भी जल।।

फूल खिले हैं अब वहाँ, रोशन हुई है अब रातें।

बना दिया उस बंजर जमीं को, सुंदर सी अब दुल्हन।।

मुश्किल कुछ भी नहीं है——————–।।

 

इन ऊँचे पहाड़ों पर, बहुत ही दुर्गम थे रास्ते।

जा पहुंचे इनपे मंजिल पे, कांटों में भी लोग हंसते।।

और ऐसे चलते-चलते, पार करके सात समुंदर।

खोज करके नई दुनिया, कर दिया साकार स्वप्न।।

मुश्किल कुछ भी नहीं है——————-।।

 

जिसने शुरू किया था, इस जमीं से अपना सफर।

छोड़कर वह इस जमीं को, जा पहुंचा है गगन पर।।

मालूम करके रहस्य, नक्षत्र-खगोल का उसने।

ध्वज विजय का फहराया, नभ में बनाया निशेमन।।

मुश्किल कुछ भी नहीं है——————-।।

– गुरुदीन वर्मा आज़ाद, तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Related posts

गीत – जसवीर सिंह हलधर

newsadmin

मजदूर दिवस – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव

newsadmin

जोर-शोर से चल रही है झटकों की राजनीति – राकेश अचल

newsadmin

Leave a Comment